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Swachata Par Nibandh In English: It is very important to have a healthy environment around us and this environment will be healthy only if we keep cleanliness around us and keep ourselves clean.
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Swachata Abhiyan Par Essay In English 


Introduction: 

Cleanliness is very important for everyone living on earth. Therefore, it should always be followed. No matter where we live.

Cleanliness makes man a better person.  Because it prevents many diseases. Therefore, we should always promote hygiene.

Importance of cleanliness: 

We should understand the importance of cleanliness as soon as possible and relate it to our lives.  Every man does a lot of everyday tasks. If he adds hygiene with those works then many diseases can be prevented.
Such as-
Cutting big nails.
Cleaning teeth daily.
Washing hands thoroughly with soap.
Cleanliness of nose, ears etc.
And
Cleanliness of food items is also very important.
Food should be served in a clean utensils.
The water in the pot of drinking water should be changed from time to time, water should not be drunk if it is been hold for a long time.

Benefits of hygiene: 

Cleanliness brings many benefits. The biggest advantage in this is that human stays always healthy and happy, so cleanliness is very important for us.

If we do not keep cleanliness, many diseases will trap us, due to which our money will be spent too much and our life span will also be reduced.

If every human being becomes aware of cleanliness, the day will be not so far when the country will move rapidly on the path of progress along with cleanliness.

Cleanliness Campaign: 

Many campaigns have been conducted by the Government of India.  So that every human being knows the qualities of cleanliness.
'Swachh Bharat Abhiyan' is one of them. This campaign was started on 2 October 2014 on the occasion of Mahatma Gandhi ji Jayanti.

But this campaign cannot be run only on the confidence of the government, everyone of us must join this campaign, to make it successful.

Under this campaign, the government has laid full emphasis on keeping rural and urban areas clean.

And to spread the campaign, it has been promoted in schools and colleges as well as newspapers.

The conclusion: 

With cleanliness, we will be able to live a long life and by making cleanliness a habit, man keeps his surroundings clean and tidy, which makes him happy.

And...

We should instill hygiene-related habits in young childrens right from their childhood. So that they too can enjoy cleanliness in his life.

No one can stop a country which is personally healthy.
Therefore, we should contribute to the development of our country by becoming a responsible citizen.

'Adopt cleanliness and move the country towards progress.

A healthy life is considered to be a good life because a person who does not remain healthy then gets various types of diseases and his life span is also reduced,

due to which that human being is unable to live his full life hence we should be clean Should be kept. If we keep cleanliness, then we and the environment around us will automatically become healthy.

Come, make the environment around you clean and be healthy.

Short Essay on Cleanliness in English


We should keep the environment around us clean. This is spoken because, a human being is a creature that pollutes a lot along with a lot of garbage etc. That is what this creature needs, a little care that if we If we get care, our environment will be healthy very soon.

Because we eat anything and throw the remaining garbage here and there after eating, some people do it. They look around here and think that no one is watching me and I throw garbage in the open here only.

If we go towards the Himalayas today, a lot of garbage has been collected on the mountains there too. You all know that the stick is very much in quantity. Because what happens in plastic does not dissolve quickly because the age of plastic is more than we humans.


So we have to keep ourselves and our beloved environment clean as much as possible. The only thing to keep in mind is 

"cleanliness is everything."

Thank you so much for Reading.

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💁Read: Swachata Par Nibandh 80 Shabd Ka

Swachata Par Nibandh In English

Jal Sanrakshan Par Nibandh- जल ही जीवन पर निबंध: मानव जीवन में जल का संरक्षण करना बहुत ही आवश्यक है। हमें पता है कि धरती पर पीने योग्य जल कितना है, फिर भी हम इसे दूषित करते ही जा रहे हैं। हमें ऐसा नहीं करना चाहिए।
आइए आज हम पढ़ते हैं जल संरक्षण पर निबंध अलग-अलग शब्द सीमाओं के आधार पर।
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Jal Sanrakshan Par Nibandh- जल ही जीवन पर निबंध
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Jal Sanrakshan Par Nibandh- जल ही जीवन पर निबंध


प्रस्तावना: 

जल मनुष्य के जीवन का प्रमुख साधन है, इसके बिना जीवन की कल्पना नहीं हो सकती। सभी प्राकृतिक वस्तुओं में जल अत्यंत महत्वपूर्ण है। राजस्थान का अधिक भाग मरुस्थल है, जहां जल नाम मात्र को भी नहीं है, इस कारण यहां कभी-कभी भीषण अकाल पड़ता है।

जल संकट के कारण: 

राजस्थान के पूर्वी भाग में चंबल, दक्षिणी भाग में माही के अतिरिक्त कोई विशेष जल स्त्रोत नहीं है, जो जल आवश्यकताओं की पूर्ति कर सके। पश्चिमी भाग तो पूरा रेतीले टीलों से भरा हुआ निर्जल प्रदेश है जहां केवल इंदिरा गांधी नहर ही एक मात्रा आश्रय है।

राजस्थान में जल संकट के कुछ प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-

  1. भूगर्भ के जल का तीव्र गति से दोहन हो रहा हैं। इससे जल-स्तर कम होता जा रहा है।
  2. पेयजल के स्रोतों का सिंचाई में उपयोग होने से जल संकट बढ़ता जा रहा है।
  3. उद्योगों में जलापूर्ति भी आम लोगों को संकट में डाल रही है।
  4. पंजाब-हरियाणा आदि पड़ोसी राज्यों असहयोगात्मक रवैया भी जल संकट का प्रमुख कारण है।
  5. राजस्थान की प्राकृतिक संरचना ही ऐसी हैं की वर्षा की कमी रहती हैं और यदि वर्षा हो भी जाये तो उसकी रेतीली जमीन में पानी का संग्रहण नहीं हो पता।

निवारण हेतु उपाय: 

राजस्थान में जल संगठन के निवारण हेतु युद्ध स्तर पर प्रयास होने चाहिए। अन्यथा यहां घोर संकट संकट उपस्थित कर सकता है।

कुछ प्रमुख सुझाव इस प्रकार है-

  1. भूगर्भ के जल का असीमित दोहन रोका जाना चाहिए।
  2. पेयजल के जो स्रोत है, उनका सिंचाई हेतु उपयोग में किया जाए। मानव की मूलभूत आवश्यकता का पहले ध्यान रखा जाए।
  3. वर्षा के जल को रोकने हेतु छोटे बांधों का निर्माण किया जाए, ताकि वर्षा का जल जमीन में प्रवेश करें और जल स्तर में वृद्धि हो।
  4. पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश की सरकारों से मित्रतापूर्वक व्यवहार रखकर आवश्यक मात्रा में जल प्राप्त किया जाए।

उपसंहार: 

भारत में भूगर्भ जल का स्तर निरंतर गिरता जा रहा है। देश के सर्वाधिक उपजाऊ प्रदेश इस संकट के शिकार हो रहे हैं, फिर राजस्थान जैसे मरुभूमि प्रधान प्रदेशों की भावी जल-संकट की कल्पना ही सिहरा देने वाली है।
अतः जल प्रबंधन हेतु शीघ्र सचेत और सक्रिय हो जाने में ही राजस्थान का कल्याण निहित है।

आशा करते हैं हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया Jal Sanrakshan Par Nibandh आपके मन को भाया होगा।

अगर आपको Jal Sanrakshan Par Nibandh अच्छा लगा तो इसे अपने अन्य दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं कि Jal Sanrakshan Par Nibandh आपको कैसा लगा ?

हमें आपकी टिप्पणी का इंतजार रहेगा। 😊

हम फिर मिलेंगे Jal Sanrakshan Par Nibandh के अगले आर्टिकल में जिसमें हम आपके लिए अलग-अलग शब्द सीमा के निबंध लेकर आएंगे।

चलिए, बहुत जल्द मुलाकात होगी हैं।

अलविदा।


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Jal Sanrakshan Par Nibandh- जल ही जीवन पर निबंध

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पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध- Paryavaran Pradushan Ka Nibandh
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पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध- Paryavaran Pradushan Ka Nibandh


रूपरेखा- प्रस्तावना, प्रदूषण क्या है?, पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार, प्रदूषण रोकने के उपाय, उपसंहार

प्रस्तावना: 

भूमि, जल, वायु, आकाश, वृक्ष, नदी, पर्वत यही सब मिलकर बनाते हैं- पर्यावरण। इन्हीं के बीच मनुष्य आदिकाल से रहता चला आ रहा है। पर्यावरण मनुष्य को प्रकृति का अमूल्य वरदान है, लेकिन बढ़ते प्रदूषण ने पर्यावरण को बहुत हानि पहुंचाई है।

प्रदूषण क्या है?:

'दूषण' का अर्थ दोषयुक्त होना है. 'प्र' उपसर्ग लगाने से दूषण की अधिकता व्यक्त होती है। आजकल प्रदूषण शब्द का प्रयोग एक विशेष अर्थ में किया जा रहा है। पर्यावरण के किसी अंग को, किसी भी प्रकार से मलिन या दूषित बनाना ही प्रदूषण है।

पर्यावरण प्रदूषण के प्रकार:

1. जल प्रदूषण: 

जल मानव जीवन के लिए परम आवश्यक पदार्थ है। जल के परंपरागत स्त्रोतहैं- कुआं, तालाब, नदी तथा वर्षा का जल औद्योगिक प्रकृति के कारण उत्पन्न हानिकारक कचरा और रसायन बड़ी बेदर्दी से इन जल स्त्रोतों को दूषित कर रहे हैं।

2. वायु प्रदूषण: 

आज शुद्ध वायु मिलना कठिन हो गया है वाहनों, कारखानों और सड़ते हुए औद्योगिक कचरे ने वायु में भी जहर भर दिया है। घातक गैसों के रिसाव भी यदा-कदा प्रलय मचाते रहते हैं।

3. ध्वनि प्रदूषण: 

आज मनुष्य को ध्वनि के प्रदूषण को भी भोगना पड़ रहा है। आकाश में वायुयानओं की कानफोड़ ध्वनियां, धरती पर वाहनों, यंत्रों और ध्वनि विस्तारकओं का शोर सब मिलकर मनुष्य को बहरा बना देने पर तुले हुए हैं।

प्रदूषण रोकने के उपाय: 

प्रदूषण रोकने के लिए प्रदूषण फैलाने वाले सभी उद्योगों को बस्तियों से सुरक्षित दूरी पर ही स्थापित और स्थानांतरित किया जाना चाहिए। उद्योगों से निकलने वाले कचरे और दूषित जल को निष्क्रिय करने के उपरांत ही विसर्जित करने के कठोर आदेश होने चाहिए।

वायु को दूषित करने वाले वाहनों पर भी नियंत्रण आवश्यक है। इसके लिए वाहनों का अंधाधुंध प्रयोग रोका जाए। रेडियो, टेपरिकॉर्डर तथा लाउडस्पीकररों को मंद ध्वनि से बजाया जाये।

प्रदूषण को रोकने के लिए हमें ज्यादा से ज्यादा मात्रा में प्राकृतिक रूप से जीना होगा जैसे कि, अगर कहीं नजदीक जा रहे हैं तो बाइक अर्थात मोटरसाइकिल की जगह पर हम साइकिल से जाएं और इसी प्रकार से कार के स्थान पर हमें इलेक्ट्रिक कार का इस्तेमाल करना चाहिए और प्लास्टिक संबंधी जितने भी सामान बाजार में मिलते हैं उनका कम से कम इस्तेमाल करना चाहिए।

उपसंहार: 

यदि प्रदूषण पर समय रहते निर्णय नहीं किया गया तो आदमी शुद्ध जल, वायु, भोजन और शांत वातावरण के लिए तरस जाएगा। प्रशासन और जनता दोनों के गंभीर प्रयासों से ही प्रदूषण से मुक्त मुक्ति मिल सकती है।

'रोको प्रदूषण का खेल, हम नहीं सकते इसे झेल।' 

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पर्यावरण प्रदूषण पर निबंध- Paryavaran Pradushan Ka Nibandh

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स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध- Swachata Abhiyan Par Nibandh 450 Words In Hindi
आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

आज में आपके लिए लेकर आया हूँ Swachata Abhiyan Par Nibandh In Hindi. आप स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध को अंत तक जरूर पढ़ें।

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स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध- Swachata Abhiyan Par Nibandh 150 Words In Hindi


'स्वच्छता ही देश का सौंदर्य है, 
इसे लाना हमारा कर्तव्य है।'

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत सरकार द्वारा देश को स्वच्छता के प्रतीक के रूप में पेश करना है, स्वच्छ भारत अभियान का सपना महात्मा गांधी द्वारा देखा गया था।

जिसके सन्दर्भ में गांधीजी ने कहा था- "स्वच्छता स्वतंत्रता से ज्यादा जरूरी है।"

गांधीजी के सपने से प्रभावित होकर माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गांधी के 145 वे जन्मदिन के अवसर पर 2 अक्टूबर 2014 को स्वयं सड़क पर उतरकर स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की। तथा

2 अक्टूबर 2019 तक इस अभियान की पूर्ति का उद्देश्य रखा।

'सीमा पर लड़ना ही नहीं है देशभक्त का नाम,
स्वच्छ बने देश करो ऐसा काम।' 

स्वच्छ भारत अभियान के प्रति लोगों का जागरूक होना अति आवश्यक है, यह सही मायनों में भारत की सामाजिक स्थिति को बढ़ावा देने के लिए है, जो हर तरह स्वच्छता लाने में शुरू किया जा सकता है।

भारत में स्वच्छता की आवश्यकता को निम्न बिंदु दर्शाते हैं-

  • भारतवासियों को स्वस्थ रखने हेतु। 
  • पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाने हेतु। 
  • नई-2 बीमारियों के निवारण हेतु। 


स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने हेतु भारत सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान को तीन भागों में विभाजित किया है-

  1. शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान। 
  2. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान। 
  3. स्वच्छ भारत - स्वच्छ विद्यालय अभियान।  


1. शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान:

शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता को 5 वर्षों अर्थात 2019 तक पूरा करना है, इसमें कचरा प्रबंधन, सामुदायिक शौचालयों का निर्माण, सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण (बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, बाजार ) आदि सम्मिलित हैं।

2. ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत अभियान:

ग्रामीण स्वच्छ भारत अभियान, निर्मल भारत अभियान (1999) का ही पुनर्गठित रूप है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण को खुले में शौच करने की मजबूरी से रोकना तथा उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

3. स्वच्छ भारत - स्वच्छ विद्यालय अभियान:

यह अभियान केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा चलाया गया है, इसका उद्देश्य स्कूलों में स्वच्छता लाना है।

'निर्मलता और स्वच्छता,
 दोनों ही स्वस्थ और शांतिपूर्ण जीवन का अनिवार्य भाग है।' 
- महात्मा गांधी। 

अतः हम कह सकते हैं कि 2019 तक भारत को स्वच्छ और हरा - भरा बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान एक महत्वपूर्ण कदम है।

एक कहावत है- 'स्वच्छता भगवान की ओर अगला कदम है।'

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हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि अगर भारत की जनता द्वारा प्रभावी रूप से स्वच्छ भारत अभियान
अनुसरण किया तो अगले कुछ वर्षों में इस अभियान से भारत भगवान का निवास स्थल सा बन जाएगा।

अतः हमें जीवन में स्वच्छता को बनाए रखने की आवश्यकता है, एक स्वस्थ देश को जरूरत है कि उसका हर एक व्यवसाय स्वच्छ हो।

'थूकने को नहीं है धरती भैया,
बदलो अपनी आदत भैया,
ना करो किसी पड़ोसी का इंतजार,

देश है सबका बढ़ाओ स्वच्छता अभियान।।'

आशा करते हैं हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध (400 Shabd) आपके मन को भाया होगा।

अगर आपको स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध 450 शब्द का अच्छा लगा तो इसे अपने अन्य दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें और हमें नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं कि Swachata Abhiyan Par Nibandh In Hindi आपको कैसा लगा ?

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हम फिर मिलेंगे स्वच्छता पर निबंध के अगले आर्टिकल में जिसमें हम आपके लिए अलग-अलग शब्द सीमा के निबंध लेकर आएंगे।

चलिए, बहुत जल्द मुलाकात होगी हैं।

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स्वच्छता भारत अभियान पर निबंध- Swachata Abhiyan Par Nibandh 450 Words In Hindi

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स्वच्छता अभियान पर निबंध 300 शब्दों में- Swachata Abhiyan Par Nibandh 300 Shabdo Mein: यहां पर स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध लिखा गया है जो कि 300 शब्दों में हैं। इस निबंध के अंदर स्वच्छ भारत अभियान के बारे में संपूर्ण जानकारी आपको यहां पर मिलेगी।

स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध 300 शब्दों में


स्वच्छ भारत अभियान एक राष्ट्रीय मुहिम है। जो भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है।
स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत भारत के 15 वे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा 2 अक्टूबर 2014 को नई दिल्ली के 'वाल्मीकि बस्ती' से की गई।

स्वच्छ भारत अभियान को दो और नाम भी दिए गए हैं-
1. भारत मिशन और
2. स्वच्छता अभियान

स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय सरकार ने बहुत कदम उठाए जैसे- प्रतियोगिताएं, घर-घर कचरा पात्र रखवान, शौचालय निर्माण के लिए राशि देना आदि।

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य: भारत को 2019 तक स्वच्छ बनाना, हर भारतवासी को शौचालय की सुविधा उपलब्ध करा के खुले में शौच को पूरी तरह खत्म करना, बेकार के शौचालयों फ्लशिंग शौचालयों में परिवर्तित करना, ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना।

इस अभियान की सफलता के लिए कुछ कानून भी बनाए गए और अस्वच्छता फैलाने वालों को जुर्माना भी लगाया गया हैं।

भारत सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन को दो भागों में बांटा है -
प्रथम: स्वच्छ भारत मिशन (शहर के लिए) और
दूसरा: स्वच्छ भारत मिशन (गांव के लिए)

सरकार ने शहरी क्षेत्रों के स्वच्छ भारत मिशन में 1.04 करोड़ परिवारों को लक्षित करते हुए 2.5 लाख सामुदायिक शौचालय और 2.6 लाख सार्वजनिक शौचालय और प्रत्येक शहर में एक ठोस अपशिष्ट प्रबंध की व्यवस्था की है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान को लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए स्वच्छ भारत कोष का निर्माण किया जिसके द्वारा स्वच्छ भारत अभियान के लिए फंड एकत्रित किया जाता है।

स्वच्छ भारत अभियान से देश को आर्थिक और सामाजिक लाभ होने के कुछ अनुमान लगाए जा रहे हैं। जैसे- रोजगार के अवसरों में बढ़ोतरी, GDP विकास दर में बढ़ोतरी, दुनिया के पर्यटकों का भारत में आगमन बढ़ना, मृत्यु दर में कमी, बीमारियों में कमी, अंतरराष्ट्रीय निवेशकों में वृद्धि इत्यादि।

यह सुनिश्चित लग रहा है कि भारत 2019 तक स्वच्छता मिशन को साकार करेगा और एक स्वच्छ भारत का निर्माण होगा।

इसके लिए सभी भारतीयों को सहयोग करना होगा।

"स्वच्छता की ओर एक कदम"

स्वच्छता अभियान पर निबंध 300 शब्दों में- Swachata Abhiyan Par Nibandh 300 Shabdo Mein आपको कैसा लगा हमे नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं। 

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स्वच्छ भारत अभियान निबंध 150 शब्दों में- Swachata Abhiyan Par Nibandh 150 Words in Hindi: आइए आज हम पढ़ते हैं! स्वच्छता पर अभियान निबंध जो कि भारत आइए आज हम पढ़ते हैं स्वच्छ भारत अभियान निबंध 150 शब्दों में। इस निबंध के अंदर हम जानेंगे कि स्वच्छ भारत अभियान कब शुरू हुआ और इसके क्या लाभ हमें मिले और क्या यह अभियान सफल हुआ है या फिर नहीं? चलिए! जानते हैं स्वच्छ भारत अभियान निबंध के बारे में।

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏!

आज आपके लिए लाये हैं स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध इस Swachata Abhiyan Par Nibandh 150 Words in Hindi को पूरा अवश्य पढ़ें।
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स्वच्छ भारत अभियान निबंध 150 शब्दों में- Swachata Abhiyan Par Nibandh 150 Words in Hindi


भारत को स्वच्छ रखने का सपना सबसे पहले महात्मा गांधी जी के द्वारा देखा गया। उनकी इच्छा थी कि वह भारत को एक स्वच्छ और शांतिपूर्ण राष्ट्र बनाएं।

2014 में हमारे भारत देश के में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने महात्मा गांधी जयंती के दिन अर्थात 2 अक्टूबर 2014 को नई दिल्ली की 'वाल्मीकि बस्ती' से स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की ताकि वे महात्मा गांधी जी के सपनों को साकार कर सकें।

स्वच्छ भारत अभियान को 2 नामों से जाना जाता है भारत मिशन और स्वच्छता अभियान।

स्वच्छ भारत अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में हर तरफ स्वच्छता फैलाना है।
स्वच्छ भारत अभियान के तहत शहरों की स्वच्छता और ग्रामीण स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है।

हम सभी भारतीय बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं। हमें भी अपने चारों तरफ के वातावरण अपने घर और स्कूल विद्यालय बस स्टैंड रेलवे स्टेशन इत्यादि को स्वच्छ रखना चाहिए।

'स्वच्छता का सपना होगा साकार, सबके द्वार' 



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स्वच्छ भारत अभियान निबंध 150 शब्दों में- Swachata Abhiyan Par Nibandh 150 Words in Hindi

Swachata Par Nibandh In Hindi 600 Words- स्वच्छता पर निबंध 600 शब्दों में: स्वच्छता पर निबंध 600 शब्दों का निबंध के अंदर स्वच्छता के बारे में हर एक जानकारी आपको यहां पर मिल जाएगी और इसके बाद आपको कोई भी स्वच्छता निबंध पढ़ने की आवश्यकता नहीं रहेगी।

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏:)

आज हम आपके लिए आये हैं 'स्वच्छता पर निबंध 600 शब्दों में' इस 600 के स्वच्छता के निबंध को अच्छे से पढ़ें।
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Swachata Par Nibandh In Hindi 600 Words- स्वच्छता पर निबंध 600 शब्दों में

स्वच्छता क्या है?:

निरंतर प्रयोग में आने पर या वातावरण के प्रभाव से वस्तु या स्थान मलीन होता रहता है। धूल, पानी, धुप, कूड़ा-करकट की परत को साफ करना, धोना, मेल और गंदगी को हटाना ही स्वच्छता कहीं जाती है।

अपने शरीर, वस्त्रों, घरों, गलियों, नालियों यहां तक कि अपने मोहल्लों और नगरों को स्वच्छ रखना हम सभी का दायित्व है।

स्वच्छता के प्रकार:

स्वच्छता को मोटे रूप में दो प्रकार से देखा जा सकता है- व्यक्तिगत स्वच्छता और सार्वजनिक स्वच्छता। 

व्यक्तिगत स्वच्छता- में अपने शरीर को स्नान आदि से स्वच्छ बनाना, घरों में झाड़ू-पोछा लगाना, स्नानघर तथा शौचालयों को  विसंक्रामक पदार्थों द्वारा स्वच्छ रखना। घर और घर के सामने से बहने वाली नालियों की सफाई से, यह सभी व्यक्तिगत स्वच्छता के अंतर्गत आते हैं।

सार्वजनिक स्वच्छता- में मोहल्ले और नगर की स्वच्छता आती है जो प्राय: नगर पालिकाओं और ग्राम पंचायतों पर निर्भर रहती है। सार्वजनिक स्वच्छता भी व्यक्तिगत सहयोग के बिना पूर्ण नहीं हो सकती हैं

स्वच्छता के लाभ:

'कहा गया है कि स्वच्छता ईश्वर को भी प्रिय है।' ईश्वर का कृपापात्र बनने की दृष्टि से ही नहीं अपितु अपने मानव जीवन को भी सुखी सुरक्षित और तनावमुक्त बनाए रखने के लिए भी स्वच्छता आवश्यक ही नहीं अनिवार्य है।

मलिनता या गंदगी न केवल आंखों को बुरी लगती है, बल्कि इसका हमारे स्वास्थ्य से भी सीधा संबंध है। गंदगी रोगों को जन्म देती है। प्रदूषण की जननी है और हमारी असभ्यता की निशानी है।

अतः व्यक्तिगत और सार्वजनिक स्वच्छता बनाए रखने में योगदान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

स्वच्छता के उपयुक्त प्रत्यक्ष लाभों के अतिरिक्त इसके कुछ अप्रत्यक्ष और दूरगामी लाभ भी हैं। सार्वजनिक स्वच्छता से व्यक्ति और शासन दोनों लाभान्वित होती हैं। बीमारियों पर होने वाले खर्चे में कमी आती है तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर वह होने वाले सरकारी खर्च में भी कमी आती है। इस बचत को अन्य सेवाओं में भी उपयोग किया जा सकता है।

स्वच्छता: हमारा योगदान:

स्वच्छता केवल प्रशासनिक उपायों के बलबूते नहीं चल सकती। इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी परम आवश्यक होती है। हम अनेक प्रकार से स्वच्छता से योगदान कर सकते हैं, जो निम्नलिखित हो सकते हैं-

घर का कूड़ा-करकट गली या सड़क पर न फेंकें। उसे सफाईकर्मी के आने पर उसकी ठेला या वाहन में ही डालें। कूड़े-कचरे को नालियों में बहाएं। इससे नालियां अवरुद्ध हो जाती हैं। गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है।

हमें यह अच्छे तरीके से समझ लेना चाहिए की साफ-सफाई का जिम्मा केवल हमारी सरकार का नहीं है।
हमें स्वयं को भी साफ सफाई में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।

पॉलिथीन का बिल्कुल प्रयोग ना करें। यह गंदगी बढ़ाने वाली वस्तु तो है ही, पशुओं के लिए भी बहुत घातक है। घरों के शौचालयों की गंदगी नालियों में न बहाएं। खुले में शौच ना करें तथा बच्चों को नालियों व गलियों में शौच न करवाएं। नगरपालिका के सफाई कर्मियों का सहयोग करें।

उपसंहार: 

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान चलाया है। इसका प्रचार मीडिया के माध्यम से निरंतर किया जा रहा है। अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, सेलेब्रिटीज (प्रसिद्ध लोग) इसमें भाग ले रहें हैं। जनता को इसमें अपने स्तर से पूरा सहयोग देना चाहिए।

इसके साथ गांवों में खुले में शौच करने की प्रथा को समाप्त करने के लिए लोगों को घरों में शौचालय बनवाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उसके लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग को पूरा सहयोग करना चाहिए।

आशा करते हैं हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया स्वच्छता पर निबंध आपके मन को भाया होगा।

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अलविदा।


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Swachata Par Nibandh In Hindi 600 Words- स्वच्छता पर निबंध 600 शब्दों में

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Swachata Ke Upar Nibandh | Swachata Par Nibandh 400 Shabd ka- स्वच्छता पर निबंध 500 शब्दों में: स्वच्छता पर निबंध 400 और 500 शब्दों में यहां पर दिया गया है इस निबंध को संपूर्ण पढ़ें और पढ़ने के बाद आप इसे अपने हिसाब से अपने शब्दों में लिखें यहां से नकल करने की कोशिश ना करें। 

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

आपके लिए लेकर आये हैं 'स्वच्छता पर निबंध 400 शब्दों में' (Swachata Par Nibandh 500 Shabd ka)

नोट: स्वच्छता पर निबंध 400 शब्द में को आप स्वच्छता पर निबंध 500 शब्द में में भी उपयोग में ला सकते हैं। क्योंकि यहाँ निचे दिया गया Swachhata Per Nibandh 400 Shabd में 400 से अधिक शब्दों का प्रयोग किया गया हैं। (Swachata Par Nibandh In Hindi 500 Words)
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Swachata Ke Upar Nibandh | Swachata Par Nibandh 400/ 500 shabd ka- स्वच्छता पर निबंध 400 शब्दों में


प्रस्तावना:

धरती पर जीवन यापन करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए स्वच्छता बहुत जरूरी है। इसलिए इसका सदैव पालन करना चाहिए। चाहे हम किसी भी क्षेत्र में रहते हो।

स्वच्छता मनुष्य को एक अच्छा इंसान बनाती है। क्योंकि स्वच्छता से बहुत सारी बीमारियां मनुष्य के नजदीक नहीं आ पाती हैं। इसलिए हमें सदैव स्वच्छता का प्रचार-प्रसार करना चाहिए।

स्वच्छता का महत्व:

जितनी जल्दी हो सके हमें स्वच्छता के महत्व को समझ जाना चाहिए और इसे अपने जीवन से जोड़ लेना चाहिए। प्रत्येक मनुष्य रोजमर्रा के बहुत सारे कार्य करता है। अगर वह उन कार्य के अंदर स्वच्छता को जोड़ देगा तो बहुत सारी बीमारियां उसके नजदीक नहीं आएंगी।
जैसे कि
बड़े नाखूनों को काटना।
प्रतिदिन दातों की सफाई करना।
हाथ को अच्छे तरीके से साबुन से धोना।
नाक, कान आदि की सफाई रखना। और
खाद्य सामग्री की सफाई भी बहुत जरूरी होती है।
स्वच्छ भोजन बनाना चाहिए।
भोजन को स्वच्छ बर्तन में बर्तन में परोसना चाहिए।
पीने के पानी के बर्तन में पानी समय-समय पर बदलते रहना चाहिए ज्यादा दिन तक पड़ा पानी नहीं पीना चाहिए।

स्वच्छता से होने वाले फायदे:

स्वच्छता से अनेकों फायदे होते हैं। इसमें सबसे बड़ा फायदा मनुष्य हमेशा तंदुरुस्त और खुश रहता है इसलिए स्वच्छता हमारे लिए बहुत जरूरी है।

अगर हम स्वच्छता नहीं रखेंगे तो बहुत सारी बीमारियां हमें अपने जाल में फंसा लेंगी जिसकी वजह से हमारी बहुत सारे पैसे खर्च होंगे तथा हमारी उम्र भी घट जाएगी।

यदि प्रत्येक मनुष्य स्वच्छता के प्रति दयालु हो जाता है। तो वह दिन दूर नहीं जब देश स्वच्छता के साथ-साथ प्रगति के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ेगा।

स्वच्छता संबंधी अभियान:

भारत सरकार द्वारा बहुत सारे अभियान चलाये गए हैं। ताकि प्रत्येक मनुष्य को स्वच्छता के गुणों का पता चले
'स्वच्छ भारत अभियान' इस अभियान की शुरुआत 2 अक्टूबर 2014 को महात्मा गांधी जी जयंती के मौके पर
शुरू किया गया।

इस अभियान को केवल सरकार के भरोसे पर नहीं चलाया जा सकता इसलिए सभी को बढ़-चढ़कर इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए।

इस अभियान के तहत सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को स्वच्छ रखने पर पूरा बल दिया गया है।
और इस अभियान का प्रचार प्रसार करने के लिए विद्यालयों तथा कॉलेजों के साथ साथ समाचार पत्रों में भी इसका प्रचार प्रसार किया गया है।

निष्कर्ष:

स्वच्छता से हम एक लंबा जीवन यापन कर पाएंगे तथा स्वच्छता एक अच्छी आदत बनाने से मनुष्य अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखता है जिससे उसको खुशी मिलती है। तथा

हमें छोटे बच्चों को बचपन से ही स्वच्छता संबंधित आदत डाल देनी चाहिए। ताकि वह भी अपने जीवन में स्वच्छता का आनंद ले पाएं।

जो देश व्यक्तिगत रूप से स्वस्थ होता है। उस देश को आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता।
इसलिए हमें एक जिम्मेदार नागरिक। बनकर अपने देश के विकास में योगदान देना चाहिए।

'स्वच्छता अपनाएं और देश को आगे बढ़ाएं।'

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Swachata Ke Upar Nibandh | Swachata Par Nibandh 400 Shabd ka- स्वच्छता पर निबंध 500 शब्दों में

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Swachata Par Nibandh 300 Shabd Ka- स्वच्छता पर निबंध 300 शब्दों में: अगर आप विद्यालय में पढ़ते हैं, मेरा मतलब है कि अगर आप एक विद्यार्थी हैं तो आपको स्वच्छता का मतलब अच्छी तरह से पता ही होगा। आइए स्वच्छता पर थोड़ा सा और गौर करें

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

Swachata Par Nibandh 300 Shabd Ka आज आपके सामने प्रस्तुत किया जा रहा हैं। आपसे गुजारिश हैं की आप इस 'स्वच्छता पर निबंध 300 शब्दों में' को अच्छे से पढ़ें।

आइये 300 Shabd Ka Swachata Par Nibandh पढ़ना शुरू करते हैं।

Swachata Par Nibandh 300 Shabd Ka- स्वच्छता पर निबंध 300 शब्दों में  


अच्छे स्वास्थ्य और अच्छे जीवन के लिए हमें स्वच्छता नामक एक अच्छी आदत को अपने जीवन के साथ जोड़ना चाहिए।

स्वच्छता को कोई काम नहीं समझना चाहिए और ना ही इस काम को पैसे कमाने के लिए किया जाना चाहिए।  क्योंकि इस काम को करने से जो स्वच्छता हमें मिलेगी वह पैसों से नहीं ली जा सकती।

स्वच्छता एक पुण्य का काम है। इसलिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में इसे जरूर अपनाना चाहिए। जो मनुष्य इसे नहीं अपनाते हैं वह बीमारियों से और बहुत बड़े रोगों से बहुत जल्द घिर जाते हैं।

और कुछ बीमारियां तो ऐसे होती हैं जो मनुष्य की जान तक ले लेती हैं।

इसलिए हमें स्वच्छता का अच्छे तरीके से ख्याल रखना चाहिए। और अस्वच्छता फैलाने वाले तत्वों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

पॉलीथिन का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि जिस पॉलिथीन का हम इस्तेमाल करके उसे फेंक देते हैं वह जल्दी से नष्ट नहीं होता है। अर्थात पॉलिथीन की उम्र बहुत ज्यादा वर्षों तक होती है।

इसे केवल जलाकर ही नष्ट किया जा सकता है परंतु अगर हम इसे जलाते हैं। तो इससे निकलने वाला विषैला धुंआ हमारे पर्यावरण को बहुत ज्यादा मात्रा में दूषित करता है। इसलिए

पॉलीथिन का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करना चाहिए तथा कहीं से भी सामान लाने के लिए कपड़ों से बने थैलों का इस्तेमाल करना चाहिए।

पॉलिथीन का एक और नुकसान भी होता है। हमारे आसपास के आवारा पशु जब इसे खा लेते हैं तो यह उनकी मौत का कारण भी बन जाती है। इसलिए

हमें पॉलीथिन का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। और भी बहुत सारे तत्व होते हैं जो स्वच्छता के लिए हानिकारक हैं उन सभी को अपने जीवन से निकाल फेंकना चाहिए। तथा

हमें जीवन में स्वच्छता के महत्व को समझकर दूसरों को भी जागरूक करना चाहिए। कोई एक व्यक्ति स्वच्छता नहीं ला सकता इसलिए हमें अपने आसपास के मित्रों पड़ोसियों तथा समाज में रहने वाले सभी मनुष्यों की मदद से अपने आसपास के सार्वजनिक स्थानों को साफ सुथरा रखना चाहिए।

एक स्वच्छ और स्वस्थ जीवन जीना चाहिए।

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Swachata Par Nibandh 300 Shabd Ka- स्वच्छता पर निबंध 300 शब्दों में

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Swachata Par Nibandh 250 Shabad Hindi Mein | स्वच्छता पर निबंध 250 शब्द
Swachata Par Nibandh 250 Shabad Hindi Mein | स्वच्छता पर निबंध 250 शब्द:

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

आज हम पढ़ने वाले हैं Swachata Par Nibandh 250 Shabad Hindi में।
इस Swachata Ke Upar Nibandh 250 Words Hindi Mein को अंत तक जरूर पढ़ें।

आइये पढ़ते हैं Swachata के ऊपर निबंध 250 Words हिंदी में। 


Swachata Par Nibandh 250 Shabad Hindi Mein | स्वच्छता पर निबंध 250 शब्द




'स्वच्छता' प्रत्येक मनुष्य की प्रथम और प्राथमिक जिम्मेदारी स्वच्छता होनी चाहिए। हम सभी को यह बहुत अच्छे तरीके से समझ जाना चाहिए कि हमारे लिए स्वच्छता बहुत आवश्यक है।

केवल हमारे लिए ही नहीं बल्कि हमारे पूरे पर्यावरण के लिए स्वच्छता की अहम भूमिका है।
इसलिए हमें स्वच्छता का ख्याल सबसे पहले रखना चाहिए।

हमें खुद भी अपने आसपास सफाई रखनी चाहिए तथा हमारे घर परिवार में छोटे बच्चों को भी साफ-सफाई के बारे में बताना चाहिए। क्योंकि एक बालक बचपन से ही चलना, बोलना, खाना-खाना, दौड़ना आदि अपने माता-पिता से सीखता है अगर उसी उम्र में उसे साफ-सफाई का भी ज्ञान हो जाए तो स्वच्छता उसके जीवन का एक हिस्सा बन जाती है। जिससे घातक बीमारियों। से बचाव हो सकता है।

'स्वच्छता को लाना हैं, 
भारत को चमकाना हैं,
गाँधी जे ने देखा था जो सपना,
वो पूरा हमने करके दिखाना हैं।' 

हमारे स्कूल और कॉलेजों में भी स्वच्छता के विषय की पढ़ाई करवाई जाती है तथा बच्चों को होमवर्क भी दिया जाता है।

वर्तमान में स्वच्छता एक महत्वपूर्ण विषय बन चुका है। क्योंकि बहुत बड़ी जनसंख्या स्वच्छता के अभाव होने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियों से घिरी जा रही हैं।

तथा हमें खुद को भी गंदगी नहीं फैलानी चाहिए।
जैसे-
नालियों में कचरा नहीं फेंकना चाहिए।
सड़कों पर घर का कूड़ा कचरा नहीं फेंकना चाहिए। तथा
पॉलिथीन का भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

इस प्रकार से अगर हम खुद हमारे प्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ स्वच्छ भारत अभियान का हिस्सा बनेंगे।  तो बहुत जल्द हम स्वच्छता पर विजय पा लेंगे।

"जहां स्वच्छता वहां होता है ईश्वर का वास।"

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Swachata Par Nibandh 250 Shabad Hindi Mein | स्वच्छता पर निबंध 250 शब्द

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Swachata Par Nibandh 200 Shabd- स्वच्छता पर निबंध 200 शब्द (Swachata Par Nibandh Class 5)
Swachata Par Nibandh 200 Shabd- स्वच्छता पर निबंध 200 शब्द (Swachata Par Nibandh Class 5):

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

एक बार फिर आ चुके हैं आपके लिए Swachata Par Nibandh 200 Shabd Ka लेकर। आप इस स्वच्छता पर निबंध 200 शब्द (Gaon Ki Swachata Par 200 Shabd Ka Nibandh) को ध्यान पूर्वक पढ़ें और समझें।

आइये, Swachata Par Nibandh 200 Shabd Ka (Swachata Par Nibandh Class 5) को पढ़ते हैं।

Swachata Par Nibandh 200 Shabd Ka- स्वच्छता पर निबंध 200 शब्द का


'स्वच्छता' यह केवल एक शब्द नहीं है वर्तमान में यह हमारे जीवन में बहुत अहम भूमिका रखता है। इसलिए हमें स्वच्छता की आदत जरूर होनी चाहिए।

जिस मनुष्य के अंदर स्वच्छता की एक अच्छी आदत होती है। वह अपने घर, अपने आसपास, तलाब, नदी, स्कूलों, आदि को गंदा करने की सोचता भी नहीं है।

जो मनुष्य अपने समाज को साफ सुथरा रखता है। वह एक प्रभावशाली और अच्छे चरित्र वाला व्यक्ति माना जाता है। तथा

हमारी इस धरती पर हमेशा जीवन को संभव बनाने के लिए मनुष्य के शरीर की साफ सफाई के साथ-साथ प्राकृतिक साफ-सफाई भी बहुत आवश्यक है।
जैसे- भूमि, पानी, खाद्य पदार्थ आदि को साफ-सुथरा रखना चाहिए तथा स्वच्छ भोजन करना चाहिए।

यदि हमें अपने आने वाले भविष्य को स्वस्थ और स्वच्छ देखना है तो हमें खुद आसपास के वातावरण की साफ-सफाई का ध्यान रखना होगा।
जैसे-

  • साबुन से नहाना चाहिए।
  • समय पर नाखूनों को काटना चाहिए। 
  • साफ-सुथरे कपड़े पहनना चाहिए। 
  • घर को भी साफ रखना चाहिए। 
  • खाना खाने के बाद साबुन से हाथ धोना चाहिए।
  • खाना खाने के बर्तनों को भी साफ सुथरा रखना चाहिए।
  • खाद्य सामग्री को ढककर रखना चाहिए। 


बाजार आदि से खाद्य पदार्थ लेते समय भी यह ध्यान रखन चाहिए कि जो खाद्य पदार्थ आप ले रहे हो वह आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है या नहीं।

इस प्रकार हम अपने जीवन को स्वच्छ बनाकर एक अच्छा जीवन यापन कर सकते हैं।

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Swachata Par Nibandh 200 Shabd- स्वच्छता पर निबंध 200 शब्द (Swachata Par Nibandh Class 5)

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Swachata Par Nibandh 150 Words In Hindi- स्वच्छता पर निबंध 150 शब्द का: मानव जीवन के लिए स्वच्छता बहुत अहम भूमिका निभाती है अगर चारों तरफ का वातावरण स्वच्छ रहेगा तभी हम स्वस्थ रहेंगे अन्यथा हमें भी बहुत पर प्रकार की बीमारियां जकड़ लेंगी

आप सभी विद्यार्थियों को मेरा नमस्कार🙏

आज हम पढ़ने वाले हैं 'स्वच्छता पर निबंध 150 शब्द का' आइये हम मिलकर Swachata Par Nibandh 150 Words In Hindi को पढ़ते हैं। 


Swachata Par Nibandh 150 Words In Hindi- स्वच्छता पर निबंध 150 शब्द का


एक आदर्श जीवन शैली के लिए हमारे पास साफ सफाई से जुड़ी एक अच्छी आदत जरूर होनी चाहिए।
जो हमारी स्वच्छता एवं हमारे पर्यावरण के लिए बहुत जरूरी है।

हमारे प्रिय प्रधानमंत्री जी ने एक अभियान शुरू किया था जिसे 2 नामों से जाना जाता है।
स्वच्छ भारत या स्वच्छ भारत अभियान 

यह अभियान 2014 में हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के द्वारा शुरू किया गया।

स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत घरों, कॉलेजों, समुदायों, कार्यालयों आदि से शुरू होकर व्यापक स्तर पर पुरे भारत को स्वच्छ बनाना है।

स्वच्छ भारत अभियान में हमें भी पूर्ण सहयोग करना चाहिए। जैसे- हमें अपने घर अपने आसपास, समाज, शहर
आदि को साफ-सुथरा रखना चाहिए तथा सार्वजनिक स्थान पर गंदगी नहीं फैलानी  चाहिए।

प्रधानमंत्री जी के द्वारा इस अभियान को बड़े स्तर पर ले जाने के लिए इसका प्रचार-प्रसार भी किया गया। जैसे स्कूलों में निबंध प्रतियोगिता, स्वच्छता पर पोस्टर बनाना, स्वच्छता पर पेंटिंग बनाना, स्वच्छता पर भाषण, कविता तथा डॉक्यूमेंट्री वीडियो के माध्यम से किया गया।

आशा करते हैं हमारे द्वारा प्रस्तुत किया गया स्वच्छता पर निबंध आपके मन को भाया होगा।

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Swachata Par Nibandh 150 Words In Hindi- स्वच्छता पर निबंध 150 शब्द का